छत्तीसगढ़ में IPL सट्टे का बड़ा रैकेट बेनकाब: दुर्ग पुलिस ने 5 और मास्टरमाइंड दबोचे, करोड़ों का खेल उजागर
दुर्ग, 25 अप्रैल 2025। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतरराज्यीय सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के पांच मुख्य संचालकों और सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह गोवा, रायपुर, दुर्ग सहित कई राज्यों में फर्जी सिम, म्यूल बैंक अकाउंट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध सट्टा संचालन कर रहा था। यह मामला थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में दर्ज अपराध क्रमांक 90/2026 के तहत धारा 4, 6, 7
छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम एवं 112(2) बीएनएस के अंतर्गत दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में इस मामले में पहले ही 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। इसके बाद तकनीकी और वित्तीय जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने गिरोह के उच्च स्तर तक पहुंच बनाते हुए पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में राहुल रंगवानी (26), निवासी देवपुरी रायपुर, सोविंद यादव उर्फ राजू यादव (26), प्रयागराज उत्तर प्रदेश, संदीप कापसे (25), गोंदिया महाराष्ट्र, अमन अली (23), गौतम नगर खुर्सीपार भिलाई और हुसैन अली (21), गौतम नगर खुर्सीपार भिलाई शामिल हैं।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी इंटरनेट कॉल, व्हाट्सएप कॉल और इंस्टाग्राम के माध्यम से आपस में संपर्क कर ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क को संचालित करते थे। इसके लिए फर्जी सिम कार्ड और म्यूल अकाउंट का उपयोग किया जाता था ताकि लेन-देन को छिपाया जा सके। प्रारंभिक जांच के अनुसार यह गिरोह रोजाना लगभग 10 से 15 लाख रुपये का अवैध लेन-देन करता था, जबकि आईपीएल सीजन के दौरान यह कारोबार बढ़कर 4 से 5 करोड़ रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाता था।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक और वित्तीय सामग्री जब्त की है। इसमें 3 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 45 बैंक पासबुक, 76 एटीएम कार्ड, 10 चेक बुक, 1 वाई-फाई राउटर, 5 सिम कार्ड, 2 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड और 2,70,000 रुपये नकद शामिल हैं। यह सामग्री सट्टा संचालन और वित्तीय लेन-देन को छिपाने के लिए उपयोग की जा रही थी। दुर्ग पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन सट्टा और साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।











